लखनऊ, मार्च 13 -- विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने ओबरा डी और अनपरा ई इकाइयों का ज्वाइंट वेंचर खत्म करके इन्हें राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड को सौंपने की मांग की है। समिति के मुताबिक अगर इन परियोजनाओं को उत्पादन निगम को सौंपा जाए तो उत्पादन लागत में 40 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी हो सकती है।संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि ज्वाइंट वेंचर का एमओयू होने के तीन साल बाद भी परियोजना पर ठोस काम शुरू नहीं हो सका है। इस प्रकार की ताप विद्युत परियोजनाएं लगभग पांच साल में पूरी हो जाती हैं, लेकिन ज्वाइंट वेंचर को स्वीकृति मिले के तीन साल से ज्यादा बीत चुके हैं और अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। यह गंभीर प्रशासनिक विफलता है। इससे प्लांट और मशीनरी की लागत में इजाफा होने की आशंका है। अगर ऐसा होता है तो बिजली उत्...
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