लखनऊ, मई 9 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग देखते हुए ओबरा-डी, अनपरा-ई, मेजा और मिर्जापुर परियोजनाओं से 10,600 मेगावॉट अतिरिक्त क्षमता जोड़ी जा रही है। वर्ष 2017 तक सभी स्रोतों से प्रदेश को कुल 11,803 मेगावॉट बिजली मिलती थी, जो वर्ष 2025 में बढ़कर 22,000 मेगावॉट तक पहुंच गई है। वर्ष 2034 तक की जरूरतों के मुताबिक 55,840 मेगावॉट क्षमता की व्यवस्था की जा चुकी है।मंत्री ने बताया कि ट्रांसमिशन क्षेत्र में भी स्थितियां सुधारी गई हैं। वर्ष 2017 में बड़े सबस्टेशनों की कुल क्षमता 39,000 एमवीए थी, जो अब बढ़कर 2 लाख एमवीए हो गई है। वर्ष 2012-17 में प्रदेश की औसत पीक डिमांड मात्र 13,000 मेगावॉट थी, जबकि पिछले चार वर्षों में यह औसत बढ़कर 30,000 मेगावॉट पहुंच गया है। पिछले चार वर्षों से उत्तर प्रदेश देश में ...