बलिया, जून 12 -- बलिया, संवाददाता। प्रदेश सरकार द्वारा जनपद के सत्तू और उससे बने व्यंजन को 'एक जनपद एक व्यंजन' (ओडीओसी) में शामिल किए जाने बाद अब उद्योग विभाग दूध से बने व्यंजनों को ओडीओसी में शामिल करने की पहल तेज कर दी है। विभागीय कर्मचारी कारोबारियों के साथ ही उत्पादन आदि के सर्वे का कार्य पूरा कर फाइल तैयार कर लिए हैं। दूध से बने व्यंजनों को ओडीओसी में शामिल हो जाने से जहां एक ओर 'श्वेत क्रांति' को संजीवनी मिलेगी वहीं दूसरी ओर ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा युवाओं को रोजगार सुलभ होगा।एक अनुमान के मुताबिक जिले में रोजाना करीब पांच लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसमें सर्वाधिक द्वाबा इलाके में होता है। यह भी पढ़ें- नन्द बाबा दुग्ध मिशन से 80 हजार रुपये तक का अनुदान 'एक जनपद एक व्यंजन' में दूध से बने व्यंजनों के शामिल होने के बाद...