कटिहार, नवम्बर 13 -- फलका, एक संवाददाता केला खेती के बाद अब क्षेत्र के किसान बांस की खेती कर जीवन संवार रहे हैं। फलका प्रखंड छोटे -बड़े सभी किसान बांस की खेती को अपना जीविकोपार्जन साधन बना रहे हैं।यही नहीं इससे होने वाली आमदनी से ही रोज मर्रा की जरूरत,किसानी व बच्चों के भविष्य के लिये जरूरी पढ़ाई लिखाई भी करा रहे हैं।केला फसल में पीलिया रोग से परेशान किसान केला खेती से धीरे -धीरे विमुख होकर बांस की खेती की तरफ रुख कर खुद की जिंदगानी सवारने में लगे हुवे हैं। और क्षेत्र के किसानों के लिये बांस की खेती वरदान साबित हो रही है । कटिहार जिले के फलका सहित समेली ,बरारी और कुर्सेला में केला खेती के बाद अब क्षेत्र के किसान बांस की खेती कर जीवन संवार रहे हैं। छोटे -बड़े सभी किसान बांस की खेती को अपना जीविकोपार्जन साधन बना रहे हैं। खासकर फलका प्रखंड के स...
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