नई दिल्ली, अक्टूबर 15 -- भुवनेश्वर में 23 और 24 अक्टूबर को होने वाले 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) सम्मेलन और एक्सपो से पहले ओडिशा की पहली महिला इलेक्ट्रिक बस चालक शुभलक्ष्मी महानंदा की कहानी सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी को सामने लाती है। महानंदा केंदुझर में कैपिटल रीजन अर्बन ट्रांसपोर्ट (सीआरयूटी) की अमाबस चलाती हैं। राज्य सरकार के अनुसार, जिले में 25 इलेक्ट्रिक बसें और एक समर्पित अमाबस डिपो है। प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, महानंदा ने विशेष प्रशिक्षण और व्यावहारिक अनुभव के जरिए बस चलाने का कौशल हासिल किया है। उनका काम ऐसे पेशे में महिलाओं की मौजूदगी को दिखाता है, जिसे लंबे समय से पुरुषों से जोड़कर देखा जाता रहा है।स्वच्छ परिवहन में अवसर राज्य सरकार महानंदा की उपलब्धि को महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और परिवहन क्षेत्र म...