वाराणसी, अप्रैल 3 -- वाराणसी। बीएचयू में आयोजित 'ओड़िया को जानें, ओडिशा को जानें : ओड़िया सांस्कृतिक विरासत की एक झलक' कॉन्क्लेव के दूसरे दिन विविध अकादमिक सत्रों के माध्यम से ओडिशा के लैंगिक विमर्श, समाज और खाद्य संस्कृति पर गहन चर्चा की गई। दूसरे दिन के पहले सत्र 'ओडिशा में जेंडर विमर्श' में प्रो. विजयलक्ष्मी नंदा ने व्यक्तिगत और अकादमिक दोनों दृष्टिकोणों से लैंगिक मुद्दों का सम्यक विश्लेषण प्रस्तुत किया। 'ओडिशा की खाद्य संस्कृति और पारंपरिक मूल्य' विषयक दूसरे सत्र में देवाशीष पटनायक ने ओडिया भोजन परंपरा को संस्कृति, आध्यात्मिकता और सामुदायिक जीवन के समन्वय के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि ओडिशा में भोजन केवल पोषण नहीं, बल्कि परंपरा और आस्था की अभिव्यक्ति है, जो ऋतुओं, अनुष्ठानों और सामाजिक जीवन से गहराई से जुड़ा हुआ है।

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