वाराणसी, सितम्बर 27 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। आईएमएस बीएचयू के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के डॉक्टरों ने ऑर्बिटल नेविगेशन से आंख और जबड़े की हड्डी का पुननिर्माण कर दिया। मरीज को 80 टांके लगे हैं। 10 टाइटेनियम प्लेट और मेश के जरिए चेहरा जोड़ा गया। आरआईओ (क्षेत्रीय नेत्र संस्थान) में इस तकनीक से ऑर्बिटल फ्लोर के पुनर्निर्माण का यह पहला मामला है।

घटना का विवरण बलिया के बेल्थरा रोड निवासी 46 वर्षीय जीत बहादुर अपने मवेशी को चारा खिला रहे थे। इस दौरान मवेशी ने हमला कर दिया। हादसे में उनकी आंख के आसपास की हड्डियां और जबड़ा कई टुकड़ों में टूट गए। चोट इतनी गंभीर थी कि बाईं आंख अंदर धंस गई और मुंह तक खुलना बंद हो गया। परिवार के लोग उन्हें लेकर बीएचयू के आरआईओ आए। यहां विभागाध्यक्ष प्रो. आरपी मौर्या ने मरीज का इलाज किया। मरीज की गंभीरता को देखते...