नई दिल्ली, सितम्बर 26 -- अगर आप एक महिला हैं और अपने करिअर, रिश्तों, परिवार और खुद की देखभाल के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं, तो आप अकेली नहीं हैं। 'वुमन इन मॉर्डन वर्कप्लेस इन इंडिया' नाम की रिपोर्ट में पाया गाया कि 70% कामकाजी महिलाओं का मानना है कि उनके करिअर की राह में सबसे बड़ी बाधा ऑफिस और घर की जिम्मेदािरयों के बीच संतुलन की कमी है। यह रिपोर्ट दो लाख कामकाजी महिलाओं पर किए गए सर्वे पर आधारित है। हर कामकाजी महिला के लिए इस संतुलन के मायने अलग-अलग होते हैं। कुछ के लिए, इसका मतलब ठीक शाम छह बजे अपने वर्क स्टेशन को छोड़ना होता है, तो दूसरों के लिए लचीले शेड्यूल पर काम करना होता है, ताकि वो नौकरी के साथ अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां भी पूरी कर सकें। इस संतुलन को हासिल करने का मतलब ज्यादा काम करना नहीं है, बल्कि अपना मनपसंद काम कर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.