नई दिल्ली, जनवरी 8 -- आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप को देखते हुए भारतीय सेना अब ड्रोन केंद्रित युद्ध कौशल की ओर तेजी से कदम बढ़ा रही है। सेना जल्द ही स्वदेशी 'सुसाइड ड्रोन' का एक बड़ा बेड़ा शामिल करने जा रही है, जो दुश्मन के ठिकानों पर सीमा के पार जाकर सटीक हमला करने में सक्षम होंगे। इस मेगा प्रोजेक्ट की शुरुआती कीमत 2,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। भारतीय सेना की इस नई रणनीति के तहत 15-20 'शक्तिबाण' रेजिमेंट बनाई जा रही हैं। ये विशेष रेजिमेंट स्वार्म ड्रोन, सुसाइड ड्रोन और लंबी दूरी के यूएवी (UAV) से लैस होंगी, जिनकी मारक क्षमता 5 किमी से लेकर 500 किमी तक होगी। इसके साथ ही हर इन्फैंट्री बटालियन में एक 'अश्नि' प्लाटून तैयार की जा रही है, जिसका काम विशेष रूप से इन घातक ड्रोनों का संचालन करना होगा। थल सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने हर सै...
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