नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सांप्रदायिक अशांति फैलाने और राष्ट्रीय अखंडता के खतरे से संबंधित सभी ऑनलाइन सामग्री हटाने का केंद्र और सोशल मीडिया मंचों को निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने गुजरात के सामाजिक कार्यकर्ता हितेंद्र कुमार परसोत्तमभाई गांधिया द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सीजेआई ने याचिकाकर्ता से कहा कि ऐसे लोगों को इतना महत्व न दें, और उन्हें अपनी शिकायतें संबंधित अधिकारियों के सामने रखने को कहा। याचिका में एक्स कॉर्प, यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया मंचों को ऐसी पोस्ट हटाने या ब्लॉक करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।

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