ऑडिट टीम जांच पर कम विभाग के खातिरदारी पर देती थी अधिक ध्यान
हजारीबाग, अप्रैल 18 -- हजारीबाग जिला प्रतिनिधि।जिले के पुलिस विभाग में वर्षों से चल रहे वित्तीय फर्जीवाड़ा सालों साल गंभीर रूप लेते गया। हाल ही में इस फर्जीवाड़ा के खुलासे के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर हर वर्ष नियमित रूप से होने वाले ऑडिट के बावजूद यह गड़बड़ी पकड़ में क्यों नहीं आ सकी। इस पूरे मामले में ऑडिटर की टीम की कार्यशैली और उनकी जिम्मेदारी पर सवालिया निशान लग गए हैं। बताया जाता है कि जिन तीन पुलिस कर्मियों पर फर्जीवाड़ा का आरोप लगा है वहीं विभाग में ऑडिट के लिए आने वाली टीम की खातीरदारी में लगे रहते थे। यह भी पढ़ें- बिल बनाने के अंतिम चरण में हेर- फेर करता था मुनिंद्र ऐसे में टीम भी उनके खातीरदारी से प्रभावित होकर सतही तौर पर ही ऑडिट कर चली जाती थी। जानकारों के मुताबिक पुलिस विभाग के अकाउंट सेक्शन में लंबे समय से कार्...
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