प्रयागराज, अप्रैल 13 -- प्रयागराज। ऑटिज्म जागरूकता माह के तहत सिविल लाइंस स्थित एक होटल में संगोष्ठी आयोजित की गयी। इस अवसर पर मनोचिकित्सक डॉ. एके मिश्रा ने कहा कहा कि ऑटिज्म चिकित्सीय स्थिति नहीं, बल्कि एक ऐसी न्यूरो विकासात्मक अवस्था है, जो बच्चे के सोचने, समझने, संवाद करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है। आधुनिक मस्तिष्क इमेजिंग अध्ययनों में पाया गया है कि ऑटिज़्म में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली अलग होती है। इसे रोग नहीं बल्कि न्यूरोलॉजिकल अवस्था के रूप में समझें, ताकि ऐसे बच्चों और उनके परिवारों को समय पर सही सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि ऑटिज़्म को जितना जल्दी पहचाना और समझा जाएगा, उतना ही बेहतर हम इन बच्चों के भविष्य को संवार सकते हैं। सही समय पर हस्तक्षेप, परिवार का सहयोग और समाज की संवेदनशीलता से बदलाव ला सकते हैं।
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