प्रयागराज, अप्रैल 26 -- ऑटिज्म जागरूकता माह के तहत रविवार को धर्माग्रा लर्निंग फाउंडेशन की ओर से सोहबतियाबाग स्थित केंद्र में संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर फाउंडेशन के संस्थापक भास्कर मिश्रा ने कहा कि ऑटिज्म चिकित्सकीय स्थिति नहीं, बल्कि एक ऐसी न्यूरो विकासात्मक अवस्था है, जो बच्चे के सोचने, समझने, संवाद करने और व्यवहार करने के तरीके को प्रभावित करती है। आधुनिक मस्तिष्क इमेजिंग अध्ययनों में पाया गया है कि ऑटिज़्म में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली अलग होती है। इसे रोग नहीं बल्कि न्यूरोलॉजिकल अवस्था के रूप में समझें, ताकि ऐसे बच्चों और उनके परिवारों को समय पर सही सहयोग मिल सके।

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