लखनऊ, अप्रैल 1 -- विश्व ऑटिज़्म जागरूकता दिवस की पूर्व संध्या पर द होप फाउंडेशन द्वारा संचालित द होप रिहैबिलिटेशन एंड लर्निंग सेंटर ने न्यूरोडायवर्स बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। बुधवार को जानकीपुरम शाखा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्था ने किफायती इलाज से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। इस मौके पर द होप संस्था के प्रबंध निदेशक दिव्यांशु कुमार ने कहा, हमारा लक्ष्य बच्चों को इस योग्य बनाना है कि वे भी सामान्य बच्चों की तरह देश का नाम रोशन कर सकें। अब तक हमने 100 से अधिक बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा है। वहीं, निदेशक एवं पीडियाट्रिक फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. प्रीति कुरील ने अर्ली इंटरवेंशन (समय पर इलाज) को बच्चे का जीवन बदलने वाला अवसर बताया। इसके अलावा ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट डॉ. वेद प्रकाश...