नई दिल्ली, जून 2 -- आज हम हिंदी सिनेमा के उस दिग्गज एक्टर की बात करेंगे जिन्होंने भारतीय सिनेमा को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचा दिया था। जिनकी फिल्में रूस, चीन, ईरान, तुर्की, अमेरिका, पूर्वी यूरोप में देखी जाती थीं। जिन्होंने अपनी आखिरी सांस तब सिर्फ सिनेमा के बारे में ही सोचा था और ऑक्सीजन मास्क लगाकर सिनेमा के लिए मंच तक पहुंचे थे।कौन है ये एक्टर? हम बात कर रहे हैं राज कपूर की। जब वह 64 साल के थे तब उनकी तबीयत खराब थी। वह ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे और उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान, दादा साहब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया था। यह भी पढ़ें- अमिताभ बच्चन के करियर के सबसे हिट गाने के पीछे हैं राज कपूर का हाथराज कपूर की जिद राज कपूर अस्थमा की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह से बेड रेस्ट की सलाह दी थी और कहीं भी...