ऐसे नहीं कैंसल की जा सकती FIR, सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया हाई कोर्ट का फैसला
नई दिल्ली, अगस्त 2 -- प्रभात कुमार, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि उच्च न्यायालयों को मुकदमा रद्द करने की अपनी शक्ति का इस्तेमाल बहुत ही सोच-समझकर और कभी-कभार ही करना चाहिए। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट प्राथमिकी रद्द करने की मांग पर विचार करते समय मुकदमे का मिनी ट्रायल नहीं कर सकते।मुकदमा रद्द करने की शक्ति का प्रयोग सोचकर करें हाईकोर्ट जस्टिस संजय करोल और एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील पर यह फैसला दिया। हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोपों में कर्नाटक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों पर दर्ज 6 प्राथमिकी रद्द कर दी थी। पीठ ने कहा कि यह तय कानून द्वारा स्थापित सिद्धांत है कि उच्च न्यायालयों को दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की शक्ति का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना चाहि...
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