ऐसी मरनी जो मरे, बहुरि न मरना होय ..शबद का गायन से गूंजा गुरुद्वारा
जमशेदपुर, जून 20 -- सिखों के पांचवें गुरु, शहीदों के सरताज श्री गुरु अर्जुन देव जी महाराज का पावन शहीदी दिहाड़ा गुरुवार को साकची गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा, भक्ति और गुरमत वातावरण के बीच मनाया गया। दिहाड़े की शुरुआत श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के बाद श्रद्धापूर्वक भोग डालने के साथ हुई। इसके बाद सजे दीवान में गुरुबाणी की मधुर स्वर लहरियों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रस से सराबोर कर दिया। सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था, सिख स्त्री सत्संग सभा साकची, बीबी इंद्रप्रीत कौर तथा बीबी निर्मल कौर ने गुरु महिमा का गुणगान करते हुए गुरुवाणी शबद का गायन किया। गुरुद्वारा साहिब साकची के हजूरी रागी भाई साहिब भाई नारायण सिंह ने भावपूर्ण शैली में गुरुवाणी का कीर्तन करते हुए कबीरा मरता मरता जग मुआ, मरि भी न जाने कोय। यह भी पढ़ें- जपियो जिन अर्जन देव गुरु फि...
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