बरेली, फरवरी 28 -- तीन साल में जनपद में दुर्लभ बीमारियों के चार ऐसे मामले सामने आए, जो लंबे समय तक चर्चा में रहे। कहीं किसी ऐसे बच्चे ने जन्म लिया, तो पैदा होने के समय से ही दुर्लभ विकार से ग्रस्त था तो कहीं कोई ऐसा बच्चा पैदा हुआ, जिसकी बीमारी ने उसके मां-बाप को भी साथ छोड़ने पर मजबूर कर दिया। इन तीनों ही मामलों में पीड़ितों को बचाया नहीं जा सका। केस वन : हार्लेक्विन इक्थियोसिस बेबी राजेंद्रनगर स्थित निजी अस्पताल में 25 जून 2023 को सात महीने की हार्लेक्विन इक्थियोसिस बेबी मृत बच्ची ने जन्म लिया। बच्ची का शरीर पूरी तरह सफेद था। त्वचा जगह-जगह से फटी हुई थी और पलकें पलटी हुई थीं। होंठों पूरी तरह विकसित नहीं थे लेकिन ऊपर के कई दांत निकल आए थे। डॉक्टरों ने बताया कि इस बीमारी में बच्चे के शरीर में तेल बनाने वाली ग्रंथियां न होने से त्वचा फटने ...
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