ऐसा मंदिर जहां लोग करते है स्वयं का पिंडदान, श्राद्ध करने की क्या है धार्मिक मान्यता
नई दिल्ली, अक्टूबर 7 -- पितृ पक्ष के दिन पूरी तरह से पूर्वजों को समर्पित होते हैं। इन 16 दिनों में लोग अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए उनका तर्पण करते हैं और आत्मा की शांति के लिए पिंडदान, श्राद्ध करते हैं। पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनके मोक्ष के लिए ये पवित्र अनुष्ठान किया जाता है। मान्यता है कि बिहार के गया जी में पितरों का पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है और उनका आशीर्वाद मिलता है। मरने के बाद पूर्वजों का पिंडदान करना और धार्मिक अनुष्ठान करने के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन क्या कभी सुना है कि एक मंदिर ऐसा भी जहां पर लोग जीवित रहते हुए ही खुद का पिंडदान और श्राद्ध करते हैं। सुनकर अजीब लग रहा होगा लेकिन बिहार के गया जी में एक मंदिर ऐसा भी है जहां पर लोग जीते जी अपना पिंड दान करते हैं।आखिर जीवित रहते हुए क्यों करते है...
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