गोरखपुर, फरवरी 17 -- गोरखपुर। प्रभु यीशु मसीह के क्रूस बलिदान की स्मृति में मनाया जाने वाला ऐश वेडनेसडे (राख बुधवार) से 40 दिवसीय लेंट (रोज़ा) की शुरुआत हुई। इस अवधि में मसीही विश्वासी उपवास, प्रार्थना और दान के माध्यम से आत्मिक साधना करते हैं। लेंट, गुड फ्राइडे की तैयारी का समय माना जाता है और 40 दिन बाद श्रद्धापूर्वक ईस्टर मनाया जाता है। ऐश वेडनेसडे पर श्रद्धालुओं के माथे पर राख का चिन्ह लगाया जाता है, जो पश्चाताप और विनम्रता का प्रतीक है। पवित्र सप्ताह पाम संडे से शुरू होकर गुड फ्राइडे और ईस्टर तक चलता है।
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