देहरादून, जून 17 -- देहरादून। उत्तराखंड रोडवेज में छह माह के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू किए जाने से कर्मचारी संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। कर्मचारी नेताओं ने सरकार और निगम प्रबंधन पर कर्मचारियों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रोडवेज कर्मचारियों को समय पर वेतन तक नहीं मिल पा रहा है, जबकि उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय हड़ताल के अधिकार पर रोक लगाई जा रही है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि निगम की वित्तीय स्थिति लगातार खराब हो रही है और कर्मचारियों को कई मुद्दों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। ऐसे में एस्मा लागू करना कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। दूसरी ओर सरकार का तर्क है कि यात्रियों की सुविधा और परिवहन सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। एस्मा लागू होने के बाद रोडवेज कर्म...