कानपुर, मई 27 -- Bakrid Special: कानपुर की बिरयानी देश भर में मशहूर है। कश्मीर से दो साल पहले लाए गए बकरी के दो बच्चे भी इसके शौकीन हो गए। वे पहले तो वेज थे लेकिन घरवालों की मोहब्बत ने उन्हें भी नॉनवेज बना दिया। धीरे-धीरे चिकन बिरयानी टिक्का, मलाई टिक्का और बर्रा (तला गया चिकन) के भी शौकीन हो गए। हां, इसके बाद कोल्ड ड्रिंक भी जरूरी है। ये बकरे हमेशा एसी में रहते हैं। बांसमंडी सोहनलाल हाता के निकट रहने वाले कपड़ा व्यापारी रईस आलम देश के विभिन्न राज्यों से बकरों के बच्चे लाते हैं और उसे पालने के बाद बकरीद में कुर्बानी कर देते हैं। उनका कहना है कि पाल कर कुर्बानी करना मजहबी ऐतबार से अच्छा है। वर्तमान में मेवात और अलवर से लाए बकरों के बच्चे वह पाल रहे हैं। रईस आलम बताते हैं कि कई वर्षों से हम कश्मीरी बकरों की कुर्बानी करना चाहते थे, लेकिन कोई...