नई दिल्ली, दिसम्बर 1 -- नई दिल्ली, का. सं.। तीस हजारी अदालत ने नौ वर्ष पुराने सड़क दुर्घटना मामले में घायल अरुण कुमार के मुआवजे के दावे को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में नाकाम रहा कि दुर्घटना दिल्ली पुलिस की गाड़ी चलाने वाले अधिकारी की लापरवाही से हुई थी। जिला न्यायाधीश तरुण योगेश की अदालत ने कहा कि उपलब्ध तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकार्ड की लोकेशन से साबित नहीं हुआ कि घटना के समय जिप्सी वास्तव में एसीपी बीपी यादव चला रहे थे। अदालत ने कहा कि चालक की पहचान और लापरवाही साबित किए बिना मुआवजा नहीं दिया जा सकता। मामला 29 अक्तूबर 2014 का है। अरुण कुमार बाइक से गुरुग्राम जा रहे थे। एनएच-आठ पर समालखा टी-प्वाइंट पर कथित रूप से दिल्ली पुलिस की एक जिप्सी ने उन्हें टक्कर मार दी थी।
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