लखनऊ, दिसम्बर 9 -- जमीन विवाद के चलते एससी/एसटी एक्ट का फर्जी मुकदमा लिखवाने के मामले में दोषी करार दिए गए विकास कुमार को एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने 5 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए निर्देश दिया है कि इस मामले में यदि कोई राहत धनराशि दी गई हो तो वापस ली जाए। अभियोजन पक्ष से अधिवक्ता अरविंद मिश्रा ने बताया कि विकास कुमार ने 29 जून 2019 को थाना पीजीआई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसमें आरोप लगाया कि उसकी जमीन पर कब्जा करने की नियत से ओम शंकर यादव, अरुण कुमार, नीतू यादव व अखिलेश पाल आए और धमकाते हुए कहा कि इस जमीन पर हम कब्जा कर लेंगे। यहां से भाग जाओ नहीं तो इसी जमीन में दफना देंगे और जाति सूचक गालियां देते हुए भगा दिया। विवेचना के दौरान यह पाया गया कि घटना क...