हापुड़, फरवरी 2 -- न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में पुलिस और जिला प्रशासन की भूमिका पर कड़ा रुख अपनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश (गिरोहबंद अधिनियम) ने पुलिस द्वारा गैंगचार्ट में गलत तथ्य प्रस्तुत किए जाने को गंभीर लापरवाही माना है। न्यायालय ने एसपी, डीएम और कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक हापुड़ को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायाधीश (गिरोहबंद अधिनियम) वीरेश चंद्रा के न्यायालय में एक मुकदमा अपराध संख्या 01/2026 है। जिसमें अभियुक्त रजनी ने धारा 2/3 गैंग्स्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में नियमित जमानत के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियुक्त के अधिवक्ता ने न्यायालय को अवगत कराया कि गैंगचार्ट में उसके विरुद्ध दो मुकदम...
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