मथुरा, अप्रैल 5 -- मांट। एसडीएम ने खेत में खड़े होकर गेहूं क्रॉप कटिंग कराई। इसकी विस्तृत रिपोर्ट जल्द डीएम के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। एसडीएम रितु सिरोही ने बताया कि क्रॉप कटिंग एक वैज्ञानिक विधि है, जिसका उपयोग किसी क्षेत्र में फसल की वास्तविक औसत पैदावार (उपज) का सटीक आकलन करने के लिए किया जाता है। इस प्रक्रिया में, रेंडम तरीके से चुने गए खेत के एक छोटे से हिस्से (प्लॉट) की फसल काटकर, सुखाकर और तौलकर प्रति हेक्टेयर उत्पादन का अनुमान लगाया जाता है। क्रॉप कटिंग की प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मुख्य रूप से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत फसल नुकसान का सटीक आकलन करना और किसानों को उचित बीमा क्लेम दिलाना है। अन्य उपयोग: इससे कृषि उत्पादन के आंकड़े तैयार करने और कृषि नीतियों को निर्धारित करने में मदद मिलती है। यह प्रक्रिया मुख्य रू...