फरीदाबाद, मई 3 -- फरीदाबाद, केशव भारद्वाज। प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक महानगर होने के बावजूद फरीदाबाद आज भी आपदा प्रबंधन के मोर्चे पर कमजोर नजर आ रहा है। यहां एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की स्थायी तैनाती नहीं होने के कारण हादसे के तुरंत बाद बचाव कार्य शुरू नहीं हो पाता है। जब तक एसडीआरएफ की टीम आतीहै, तब तक लोगों की मौत हो चुकी होती है। फरीदाबाद में यमुना नदी, आगरा नहर, गुरुग्राम नहर और अरावली क्षेत्र में बनी कृत्रिम झीओं में लोगों के डूबने के मामले सामने आते रहते हैं। पिछले कई वर्षों से ये हादसों के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। गर्मी के मौसम में नहरों और झीलों में नहाने के दौरान युवाओं के डूबने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जबकि कई लोग आत्महत्या के इरादे से भी नहरों में छलांग लगा देते हैं। यह भी पढ़ें- परिवार के सामने डॉक्टर ने आगरा नह...