लखनऊ, जुलाई 31 -- एसजीपीजीआई के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉक्टरों ने एक बुजुर्ग के कूल्हे का सफल ऑपरेशन कर नया जीवन दिया है। बुजुर्ग को दो माह पहले गंभीर हृदयाघात के बाद दिल की धमनियों में दो स्टेंट लगाए गए थे। रोगी की खून पतला करने वाली दवाएं चल रही थी। ऐसी स्थिति में अत्यधिक रक्तस्राव की वजह से ऑपरेशन में जोखिम था। दूसरी ओर दवाएं बंद करने पर स्टेंट में रक्त का थक्का बनने का जानलेवा खतरा था। ऑपरेशन के तीन हफ्ते के बाद रोगी सहारे से चलने लगा है। यह सर्जरी एसजीपीजीआई के आर्थोपैडिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पुलक शर्मा ने टीम के साथ की। डॉ. पुलक शर्मा के मुताबिक ऑपरेशन में ज्यादा देरी होने पर निमोनिया, नसों में खून का थक्का जमना, बेड सोर और लंबे समय तक बिस्तर पर रहने से मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। दूसरी तरफ, हाल में स्टेंट लगवाए मरीज में बड़ी स...