बरेली, मार्च 9 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। नवजात बच्चों की मृत्यु दर कम करने और उन्हें उचित उपचार मुहैया करने में मेडिकल कॉलेजों की अहम भूमिका है। बीमारी से बचाव के लिए नवजात बच्चों की पूरी जांच और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मेडिकल कालेजों को आगे आना चाहिए। यह बात एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति ने दो दिवसीय पीडियाट्रिक एवं नियोनेटल अपडेट कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर कही। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज की ओर से अलखनंदा रिसोर्ट में दो दिवसीय (7-8 मार्च 2026) पीडियाट्रिक एवं नियोनेटल अपडेट कार्यशाला हुई। पीडियाट्रिक्स एवं नियोनेटोलाजी विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में डिकोडिंग चाइल्डहुड अणु से आरोग्य तक थीम पर अत्याधुनिक जनेटिक्स, पीडियाट्रिक्स और नियोनेटोलॉजी से संबंधित विषयों पर देश के चुनिंदा बाल रोग विशेषज्ञों...