प्रयागराज, मई 26 -- एसआरएन अस्पताल में मंगलवार को आधुनिक तकनीक से ऑपरेशन कर एक युवक का कूल्हा बदला गया। 22 वर्षीय रमेश निषाद बाएं कूल्हे में पोस्ट-ट्रॉमेटिक अवैस्कुलर नेक्रोसिस के कारण गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थे। इस स्थिति के कारण वे चलने-फिरने में असमर्थ थे। डॉक्टरों ने जांच के बाद संपूर्ण कूल्हा बदलने का निर्णय लिया। ऑपरेशन टीम में प्रमुख सर्जन डॉ. आनंद कुमार के अनुसार, ऑपरेशन के दौरान अनसीमेंटेड सिरेमिक-ऑन पॉली प्रोस्थेसिस उपयोग करते हुए डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच तकनीक अपनाई गई। इस तकनीक में मांसपेशियों को काटे बिना ऑपरेशन किया गया। इससे कूल्हे के जोड़ के खिसकने का जोखिम भी कम होगा। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य है। यह भी पढ़ें- जन्मजात टेढ़े पैर के इलाज के बाद बच्चे ठीक से चलना सीख रहे ऑर्थोपेडिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉ. ...