रांची, मई 6 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। वेतन निकासी फर्जीवाड़े से जुड़े एसआईटी अनुसंधान पर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं। साथ ही एसआईटी अफसरों की भूमिका को भाजपा ने संदिग्ध बताया है। गुरुवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है, एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है। इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है। प्रतुल ने कहा कि केस को दबाने के लिए ही जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। यह भी पढ़ें- ट्रेजरी कोड, फाइनेंस कोड और पुलिस मैन्यूल की ली जानकारी इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं, उनमें से एक 2022 के दौरान बोका...