एटा, अप्रैल 10 -- 27 अक्तूबर 2025 से शुरू हुए एसआईआर सर्वे में सबसे अधिक मतों का अंतर एटा सदर विधान सभा क्षेत्र में आया। 73 हजार से अधिक मतदाता अंतिम मतदाता सूची में कम हो गए। जबकि छह जनवरी से 10 अप्रैल तक चलाए गए विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान के बाद यह आंकड़ा 27 हजार मतों पर सिमट गया। एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन के बाद अब हार जीत के आंकड़े पर नजर डाली जा रही है। 2017 के विधान सभा चुनाव में जो हारजीत का आंकड़ा था कहीं इससे अधिक मतदाताओं की संख्या में कमी आ गई। राजनीतिक क्षेत्र के जुड़े लोगों की मानें तो वर्ष 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव में मतदान का प्रतिशत पहले से ऊपर जाने की संभावना है। उन वोटों में कमी आ गई जो वोट ना डालने के कारण मतदान प्रतिशत कम हो जाता था। एसआईआर के बाद अधिकांश लेागों ने वहीं पर अपना वोट बनवा लिया जहां...