एटा, अप्रैल 12 -- पांच महीने से अधिक समय तक चली एसआईआर के बाद चारों विधान सभा चुनावों के परिणामों पर असर डाल सकती है। जो वोटों की संख्या कम हुई वह वर्ष 2022 के चुनावी परिणामों से कहीं अधिक है। दो विधान सभा क्षेत्रों पर जीत का अंतर करीब 18 हजार वोटों का रहा। जबकि जलेसर और अलीगंज विधान चार के अंतर से हार जीत का आंकड़ा रहा। मतदाता पुनरीक्षण अभियान के बाद बडी संख्या में वोट काटे गए। विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान जो वोट बनाए इससे बाद भी एक लाख 47 वोट हो गए। जबकि एसआईआर के दौरान दो लाख 20 हजार वोट कम हुए। चारों विधान सभा सीटों पर असर पड़ने की संभावना है। सबसे अधिक वोट एटा सदर विधान सभा क्षेत्र पर कम हुआ है। वर्ष 2022 के विधान सभा चुनावों में एटा और मारहरा में हार जीत का अंतर 18 हजार मतों का रहा था। जबकि अलीगंज और जलेसर विधान सभा क्षेत्र में हार...
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