बोकारो, जुलाई 17 -- बेरमो। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव सह झारखंड आंदोलनकारी इफ्तिखार महमूद ने एसआईआर के काम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कहा कि चुनाव आयोग जिनसे बीएलओ का काम ले रही है उनकी योग्यता तीन चार साल के बच्चों को बैठने की आदत डालने की है और वैसों से एसआईआर के उस गणना प्रपत्र का निष्पादन कराया जा रहा है जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के द्वारा अंतिम रूप दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में बड़े पैमाने पर नाम वोटर लिस्ट से काटा जा सकता है। कहा कि असम व बंगाल का एसआइआर का यही अनुभव है कि जिन मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो जाएगा उन्हें वोटर लिस्ट में वापस आने के लिए कार्यालय का चक्कर वर्षों तक लगाना पड़ेगा। यह भी पढ़ें- मतदाता बनने की राह में बढ़ी मुश्किल महमूद ने चुनाव आयोग की मंशा पर भी सवाल खड़ा करते हुए पूछा की बिहार और झारख...