नई दिल्ली, मई 27 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारत के निर्वाचन आयोग (ईसीआई) को मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने का ‌अधिकार है। निर्वाचन आयोग की शक्ति को बरकरार रखते हुए शीर्ष अदालत ने कहा है कि एसआईआर की प्रक्रिया निष्पक्ष चुनावों के संवैधानिक जनाआदेश में 'नई जान डालती है।' हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि निर्वाचन आयोग को किसी की नागरिकता तय करने का कोई अधिकार नहीं है।देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली की पीठ ने कहा है कि एसआईआर की प्रक्रिया 'स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की संवैधानिक अनिवार्यता' को आगे बढ़ाती है। यह भी पढ़ें- सुप्रीम...