लखनऊ, अप्रैल 12 -- लखनऊ विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के अध्यापकों ने वैदिक एवं भारतीय ज्ञान परंपरा को आधार बनाकर एक अभिनव यंत्र का डिजाइन प्रस्तुत किया है। विभागाध्यक्ष डॉ. अभिमन्यु सिंह, डॉ. अशोक कुमार सतपथी तथा उनके सहयोगी समूह के मार्गदर्शन और योगदान से तैयार यह डिजाइन नवीकरणीय ऊर्जा-आधारित बहुआयामी फिल्टर उपकरण के रूप में भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा स्वीकृत एवं पंजीकृत हुआ है। डॉ. अशोक कुमार सतपथी ने बताया कि इस यंत्र का उद्देश्य वायु प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन प्रबंधन है। विशेष रूप से शैक्षिक परिवेशों को ध्यान में रखते हुए इसका डिजाइन तैयार किया गया है। यह उपलब्धि आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण और वैदिक परंपरा के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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