सहरसा, मार्च 28 -- सहरसा, हमारे प्रतिनिधि। जिले में गैस की किल्लत का असर अब स्कूलों के हॉस्टलों तक भी पहुंच गया है, जहां रसोई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। साउथ पॉइंट स्कूल के निदेशक राजीव कुमार ने बताया कि उनके हॉस्टल का गैस सिलेंडर पूरी तरह खत्म हो गया है, जिससे अचानक भोजन व्यवस्था संकट में आ गई। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उनके सामने दो ही विकल्प थे या तो हॉस्टल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाए या फिर किसी वैकल्पिक व्यवस्था से छात्रों के भोजन की व्यवस्था की जाए। छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चूल्हे पर खाना बनाने का निर्णय लिया। अब हॉस्टल में पारंपरिक तरीके से लकड़ी और कोयले के सहारे खाना बनाया जा रहा है। हालांकि यह प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक समय और मेहनत मांगती है, लेकिन कर्मचारियों के सहयोग से व्यवस...