प्रयागराज, मार्च 13 -- हनुमानगंज, हिन्दुस्तान संवाद। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लंबे खिंचते जंग का असर अब आम जनजीवन को भी प्रभावित करने लगा है। एलपीजी के लिए तो मारामारी है ही, विकल्प के तौर पर इंडक्शन चूल्हा की इतनी मांग बढ़ी कि दुकानों पर स्टाक खत्म हो गया।अमूमन विभिन्न ब्रांडों के इंडक्शन चूल्हा बाजार में हर समय उपलब्ध रहता था और एमआरपी रेट से हजार पंद्रह सौ रुपए कम पर मिलता था। किंतु सिलेंडर की किल्लत से इसे एमआरपी पर बेचा जाने लगा और इंडक्शन चूल्हे की भी ऐसी मांग बढ़ी कि कई दुकानों का स्टाक ही खत्म हो गया। झूंसी में इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक की कई बड़ी दुकानें हैं। सिटी इलेक्ट्रॉनिक के संचालक मोहम्मद तौकीर बताते हैं कि पहले इंडक्शन चूल्हा बनाने वाली कंपनियां क्रेडिट पर माल भेजती थी अब हालात ये हो गए हैं कि एडवांस पेमेंट देने ...
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