चाईबासा, मार्च 20 -- कोल्हान क्षेत्र में एलपीजी गैस की कमी का असर अब बिजली व्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। दस दिन में कोल्हान के जिलों में बिजली की मांग में करीब 50 मेगावाट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पावर ग्रिड पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है और तकनीकी फॉल्ट की आशंका भी बढ़ गई है। गैस सिलेंडर की अनिश्चित आपूर्ति के कारण लोग बड़े पैमाने पर इंडक्शन चूल्हों और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। रसोई गैस के विकल्प के रूप में इंडक्शन चूल्हा तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिससे घरेलू बिजली खपत में वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंडक्शन चूल्हा उच्च क्षमता वाले उपकरण होते हैं, जिनका लगातार उपयोग बिजली बिल को भी बढ़ा रहा है। जमशेदपुर समेत आसपास के इलाकों में बिजली की मांग में 5 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा रही है। इससे वि...