नई दिल्ली, अप्रैल 22 -- नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने राजधानी में एलपीजी की कथित कमी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह कार्यपालिका के दायरे में आता है। उच्च न्यायालय इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि जब केन्द्र सरकार पहले से ही स्थिति से निपटने के लिए कदम उठा रही है। तब पीठ किसी प्रकार का आदेश जारी नहीं कर सकती। यह याचिका वकील राकेश कुमार मित्तल ने दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आवश्यक वस्तु होने के बावजूद दिल्ली में एलपीजी की भारी कमी है, जिससे लोगों को गैस सिलेंडर लेने में कठिनाई हो रही है। यह भी पढ़ें- कैसे कह दें, कालाबाजारी रुक जाएगी? LPG संकट से जुड़ी जनहित याचिका पर HC जज की अहम टिप्पणी ...
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