वरिष्ठ संवाददाता, अप्रैल 3 -- प्लास्टिक की पैकिंग में बिकने वाली वस्तुओं की फैक्ट्रियों में इन दिनों चौतरफा संकट दिख रहा है। इनमें से सर्वाधिक प्रभावित नमकीन और अन्य खाद्य सामाग्री वाली यूनिटें हैं। नमकीन की फैक्ट्रियां कामर्शियल सिलेंडर की किल्लत के साथ रिफाइंड की कीमतों में बढ़ोतरी से जूझ रही थीं, अब इन्हें पैकिंग मैटेरियल को लेकर दिक्कत हो रही है। कारोबारी बता रहे हैं कि प्लास्टिक की पन्नी मुहैया कराने वाली कानपुर, नोएडा, दिल्ली से लेकर रूड़की के कारोबारी एडवांस तो ले ही रहे हैं, दाम भी डेढ़ गुना कर चुके हैं। मानीराम में नमकीन की फैक्ट्री संचालित करने वाले निखिल जायसवाल का कहना है कि नमकीन की पैकिंग के लिए मटेरियल रुड़की से मंगाते हैं। जो मटेरियल 20 हजार रुपये मिलता था, वह 30 हजार रुपये में मिलता था। युद्ध ऐसे ही चला तो पैकिंग मटेरियल ...
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