एलडीए की लापरवाही पड़ी भारी, 2 लाख से बढ़कर 27 लाख हुआ मुआवजा
विधि संवाददाता, फरवरी 24 -- भूमि का मुआवजा न देना लखनऊ विकास प्राधिकरण पर भारी पड़ गया। भू अर्जन से संबंधित एक मुकदमे में 1997 में कोर्ट से दो लाख रुपये 15 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ एलडीए ने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन याचिका निरस्त कर दी गई। फिर भी मुआवजा अब तक नहीं दिया। अब यह रकम बढ़कर 27 लाख पहुंच गई। सुनवाई के दौरान भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण (लारा) कोर्ट ने एलडीए के विहित पदाधिकारी पर 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। लारा कोर्ट के पीठासीन अधिकारी हरेंद्र बहादुर सिंह ने एलडीए के विहित अधिकारी पर 10 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। अदालत ने एलडीए को आदेश की प्रति भेजते हुए आदेश दिया है कि हर्जाने की पूरी रकम वसूल कर जमा कराई जाए। कोर्ट ने 13 मार्च को म...
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