पिथौरागढ़, फरवरी 17 -- पिथौरागढ़। नगर के लक्ष्मण सिंह महर कैपंस में आईपीआर विमर्श व्याख्यान श्रृंखला के तहत भारतीय ज्ञान प्रणाली प्राचीन ज्ञान, भावी शिक्षा व बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम हुआ। मंगलवार को आईपीआर सेल समन्वयक डॉ. गरिमा पुनेठा ने बताया कि उत्तराखंड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता के तौर पर डॉल्फिन पीजी इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल एंड नेचुरल साइंसेज, देहरादून के भौतिकी एवं बायोफिजिक्स विभाग के प्राध्यापक डॉ. आशीष रतूड़ी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा की वैज्ञानिक समृद्धि पर प्रकाश डालते हुए सूर्य सिद्धांत में वर्णित खगोलीय सिद्धांतों का उल्लेख किया। साथ ही करीब 800 ईसा पूर्व के गणितज्ञ बौधायन के शुल्बसूत्र में वर्णित ज्यामितीय सिद्धांतों की चर...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.