एयर शो : आकाश में साहस और अनुशासन का अनूठा संगम
वाराणसी, अक्टूबर 25 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। ध्येय वाक्य 'नभ: स्पृशं दीप्तअनेक वर्ण व्याप्तानने...' यानी नभ को स्पर्श करने वाले शौर्य के भावों के साथ वायुसेना के युद्धवीरों (लड़ाकू विमान और हेलीकाप्टर) ने शनिवार को भी अचंभित कर देने वाले करतबों से हजारों दर्शकों को रोमांच, जोश और आह्लाद के एवरेस्ट पर पहुंचा दिया। शनिवार को एयर शो का दूसरा दिन था, समापन रविवार को होगा। वायु सेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित इस शो को देखने शनिवार को गंगा के घाटों पर और गंगापार भी जनसैलाब उमड़ पड़ा था। नमो घाट से शुरू समान गति में लयबद्ध किंतु हैरतंगेज प्रदर्शनों में वायुसेना की दक्षता, उनके जांबाज पायलटों की सटीकता ने 'विंग्स ओवर गंगा' की थीम को पूरी तरह चरितार्थ कर दिया। युद्धक विमानों के समूह में बनाए फार्मेशन देख लोगबाग बरबस टिप्पणी करते...
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