चाईबासा, मार्च 20 -- जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (एनएमएल) के शोधकर्ताओं ने एल्युमीनियम-लिथियम मिश्र धातु पर एक ऐसा शोध प्रस्तुत किया है, जिसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। इस विशेष मिश्र धातु को एयरोस्पेस क्षेत्र के लिए भविष्य की धातु माना जा रहा है, क्योंकि यह वजन में आश्चर्यजनक रूप से हल्की होने के साथ मजबूती के मामले में भी बेजोड़ है। हवाई जहाज और अंतरिक्ष यान के निर्माण में वजन अत्यंत महत्वपूर्ण कारक होता है, जहां हर किलोग्राम की कटौती ईंधन दक्षता और पेलोड क्षमता को बढ़ाती है। एनएमएल द्वारा विकसित यह नया फॉर्मूला इसी चुनौती का प्रभावी समाधान पेश करता है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब बड़ी मान्यता मिली, जब प्रतिष्ठित शोध पत्रिका मेटलोग्राफी, माइक्रोस्ट्रक्चर एंड एनालिसिस ने इस शोध रिपोर्ट को...