रिषिकेष, फरवरी 27 -- एम्स ऋषिकेश के दंत चिकित्सा विभाग ने 18 वर्षीय मरीज में जबड़े के जोड़ के संलयन और गंभीर चेहरे की विषमता का सफल उपचार कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खास बात यह रही कि यह जटिल सर्जरी बिना किसी कृत्रिम जबड़े के जोड़ के की गई, जिससे मरीज के चेहरे का पूर्ण सुधार संभव हो सका। एम्स की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर डॉ. मीनू सिंह ने इस सफल सर्जरी को अंजाम देने वाली टीम की सराहना है। उन्होंने बताया कि एम्स ऋषिकेश का उद्देश्य मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं, उन्नत तकनीक और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मरीज का मुंह बिल्कुल नहीं खुल रहा था। निचला जबड़ा लगभग 2 सेमी पीछे था, रैमस की ऊंचाई में 2 सेमी का अंतर था, ठोड़ी 12 मिमी बाईं ओर झुकी हुई थी, होंठ का बायां कोना 1 सेमी ऊपर उठा हुआ था तथा सामने के ...
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