देवघर, जुलाई 29 -- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान देवघर ने उन्नत हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग ने पहली बार स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन तकनीक के माध्यम से जन्मजात हृदय रोग पेटेंट डक्टस आर्टेरियोसस (पीडीए) का बिना किसी बड़े ऑपरेशन के सफल उपचार किया है।

उपचार की विशेषता यह जटिल प्रक्रिया 14 वर्षीय एक बालक पर सफलतापूर्वक की गई, जिससे एम्स देवघर में आधुनिक हृदय उपचार सेवाओं का एक नया अध्याय जुड़ गया है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार, जन्म के बाद हृदय की एक विशेष रक्त वाहिका सामान्य रूप से स्वतः बंद हो जाती है। यदि यह खुली रह जाए तो हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे सांस लेने में तकलीफ, हृदय की कार्यक्षमता में कमी, फेफड़ों में उच्च रक्तचाप तथा भविष्य में हृदय विफलता ...