नई दिल्ली, सितम्बर 25 -- एमबीबीएस दाखिले में फर्जीवाड़े के बाद आयुष-यूजी प्रवेश प्रक्रिया में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। आरक्षण कोटे से सीट पाने वाले अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों की जांच अब दो स्तरों पर होगी। सभी परिसर और संबद्ध कॉलेजों को निर्देश:आयुर्वेद विवि के काउंसलिंग बोर्ड से सीट आवंटित होने मात्र से प्रवेश अंतिम नहीं माना जाएगा। मूल प्रमाण-पत्रों के सत्यापन और अभ्यर्थी की पात्रता की पुष्टि के बाद ही दाखिला मान्य होगा। इस बाबत कुलसचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने सभी परिसरों और संबद्ध आयुष कॉलेजों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। हाल में एमबीबीएस दाखिले की काउंसलिंग में फर्जी प्रमाण-पत्रों का मामला सामने आया था। स्वतंत्रता सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने पर चार अभ्यर्थियों का सीट आवंटन रद्द किया गया था। इसके बाद आयुर्वेद विवि ने आय...