गोरखपुर, मार्च 7 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। एमबीबीएस छात्र की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद वाहन चालक गोल्डन साहनी के खिलाफ 25 बार चालान होने के बावजूद लाइसेंस निलंबित न होने का मामला चर्चा में है। इस पर पूछे जाने पर आरटीओ प्रवर्तन संजय झा ने कहा कि चालान की प्रकृति और अपराध की श्रेणी की जांच के बाद ही लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाती है।उन्होंने बताया कि केवल आरसी के आधार पर किसी वाहन चालक का लाइसेंस निलंबित नहीं किया जा सकता। इसके लिए चालक का नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि जैसी जानकारी आवश्यक होती है। इन विवरणों के आधार पर ही आईटीएमएस सिस्टम से वाहन चालक की पहचान कर लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। संजय झा ने कहा कि पुलिस विभाग द्वारा चालान की सूची आरटीओ कार्यालय को भेजी जाती है। इसके बाद संबंधित वाहन मालिक या चालक को नोटिस...
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