बरेली, जुलाई 6 -- रुहेलखंड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एमपॉक्स (मंकीपॉक्स) वायरस पर एक महत्वपूर्ण शोध कर वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। डॉ. अमित वर्मा और उनके सहयोगियों की तरफ से किए गए इस अध्ययन को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल जर्नल ऑफ हेल्थ, पॉपुलेशन एंड न्यूट्रिशन (स्प्रिंगर नेचर) ने वर्ष 2026 में प्रकाशन के लिए स्वीकार किया है। अध्ययन में वर्ष 2022 से मार्च 2025 तक 127 देशों में सामने आए 1,37,892 पुष्ट मामलों का विश्लेषण किया गया है। शोध में वायरस के वैश्विक प्रसार, आनुवंशिक बदलाव, निदान, उपचार और रोकथाम की रणनीतियों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। शोध के अनुसार अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप एमपॉक्स से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहे। शोध में आधुनिक निदान तकनीकों जैसे पीसीआर, सीआरआईएसपीआर आधारि...